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भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi

The Real Ghost Stories in Hindi

दोस्तों भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi, बहुत ही ज्यादा भयानक, खतरनाक और डरावनी हैं, जिसे पढ़ने के बाद आपकी रूह कांफ उठेगी, आपके होश उड़ जायेंगे, दोस्तों भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi की तीनो कहानी बहुत ही खौफनाक हैं |

दोस्तों भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi, पढ़ने के बाद आप लोगो को असली डर का अहसास होगा, और ये अहसास बहुत ही ज्यादा खतरनाक होगा, दोस्तों भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi को बड़े ही ध्यान से पढ़े | 

तो चलिए दोस्तों अब भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi, की शुरुआत करते हैं और भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi के माध्यम से डर का मजा लेते हैं |

भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ 

The Real Ghost Stories in Hindi


“शैतानी गुड़िया और मौत का खूनी खेल” 

आज की ये कहानी एक ऐसी कहानी है जिसे पढ़ने के बाद आप की हालत ऐसी हो जाएगी कि जैसे कार्यो को भूलना होगा। यह कहानी एक शैतानी गुड़िया की है और कैसे उस गुड़िया के प्रकोप ने सब को बुरी तरीके से परेशान किया।आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूं

जिसे सुनकर आपकी रुह भी कांप जाएगी। इस कहानी की शुरुआत होती है एक गांव से जहां मुद्रिका नाम की एक तंत्रिका रहती थी। वह एक ऐसा अनुष्ठान कर रही थी कि उसमें उसे लगभग सौ बच्चों की बलि देनी थी जो कि सबसे बड़ा पाप है और सबसे गलत काम |

वह अपने शैतान को खोज करके अमर होना चाहती थी। जबकि सच्चाई ये है कि जिसने इस जमीन पर जन्म लिया है उसे एक न एक दिन तो मरना ही है लेकिन उसकी चाहत कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी और इसके लिए वह हर रात को एक बच्चे की बलि देना चाहती थी और कोशिश भी यही करती थी कि वह अपने मकसद में हरदम कामयाब रहे,

लेकिन किसी को इस बात की भनक लग चुकी थी और उसने गांव वालों को समझा दिया कि गांव में बच्चे यूं ही नहीं मर रहे। हमें इस बात की तह तक पहुँचना होगा और रात में हम निगरानी रखेंगे। फिर उन्होंने कुछ ऐसा देखा जिसे देखकर आखें दंग रह गई। (The Real Ghost Stories in Hindi)

उन्होंने देखा कि एक गुफा में एक काले कपड़े में एक औरत बैठी है और उसके सामने एक बच्चा निष्क्रिय पड़ा हुआ लेटा है और वह तंत्र साधना में विलीन हो गए। तभी गांव के लोगों ने उस बच्चे को उठा कर उससे दूर कर दिया और उसकी साधना को भंग कर दिया।

वह तंत्रिका यह सब देखकर वहां से भागने लगी। तभी लोगों ने उसका पीछा किया और वह रात के अंधेरे में किसी झोपड़ी में जा घुसी। सभी लोगों ने पूरी की पूरी झोपड़ी को ही तेल छिड़क करके आग लगा दी जिसमें वह तांत्रिक का जलकर मरने लगी। (The Real Ghost Stories in Hindi)

मगर उसने अपनी तंत्र साधना से वहां पर पड़ी एक गुड़िया में अपनी जान डाल दी और गुड़िया को झोपड़ी के खिड़की से फेंकते फेंकते अपना प्राण त्याग भी दिया और उसकी जान निकलते ही उसकी जान उस गुड़िया में चली गई और यहां से उस गुड़िया का खूनी खेल शुरू हुआ।

वहीं उस गांव में कुछ नये लोग बाहर से रहने के लिए आए थे उनमें एक बच्ची भी थी। जब वह लोग अपने घर में सो रहे थे तभी उस बच्ची को कुछ आवाजें सुनाई देती हैं और वह बच्ची उठ जाती हैं और उठने के बाद वह उठकर बाहर उस जली हुई झोपड़ी के पास पहुंच जाती है।

इतना हो जाता पर किसी को भनक नहीं लगती। वहां वह उस गुड़िया को देखती है और उसे उठाकर अपने घर ले आती है। फिर वह बच्ची उस गुड़िया से बातें करने लगती है और इस तरह बच्ची के सहारे उस गुड़िया ने फिर से बच्चों को रात में बहकाना और अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया और धीरे धीरे बच्चों की मौत शुरू हो जाती है।

अब तक उसने लगभग चार बच्चों की जान ले ली थी। गाँव वालों को लगा कि फिर से कहीं उसी तंत्रिका का काम तो नहीं है और फिर से लोगों ने निगरानी शुरू कर दी लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं चल रहा था तभी उनका ध्यान उन नये लोगों पर गया।

जब से लोग आए हैं तब से फिर से यह घटनाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन उनके पास कोई प्रमाण नहीं था कोई साक्ष्य नहीं था। गांववालों में से एक व्यक्ति जिसका नाम रमन था उसने देखा कि एक बच्ची एक गुड़िया से बातें कर रही है लेकिन उस को उस गुड़िया की कोई बात सुनाई नहीं दे रही थी

फिर उसने रात में उस बच्ची के घर पर निगरानी रखना शुरू किया और उसने देखा कि अचानक रात में दरवाजा खुला और उसमें से गुड़िया निकली और जंगल की तरफ चलकर के जाने लगी और वहीं जाकर बैठ गई जहां पर वह तंत्रिका बैठती थी। (The Real Ghost Stories in Hindi)

साथ में वह गुड़िया मंत्र का उच्चारण भी कर रही थी तभी एक बच्चा सम्मोहित होकर उसकी तरफ आने लगा और उसने बच्चे को वहीं पर मार डाला। यह देखकर रमन घबड़ा गया और वह वहां से भागा और उसने गांव के बहुत ही समझदार व्यक्ति महेश को सारी बातें बताईं।

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तब महेश ने कहा कि समस्या का समाधान हमारे गुरूजी देंगे, वह लोग एक सूनसान जंगल में एक अघोरी के पास गए। तभी उसने उनकी मन की बात जान ली और उसने कहा कि आ जाओ वह गुड़िया कोई और नहीं वह मुद्रिका ही हैं, जो बच्चों की बलि लेती है,

बस मारने का तरीका बदल चुकी है। एक बच्ची का सहारा वो ले रही है और यदि उस बच्ची के गले में तुम यह ताबीज डाल दोगे तो वह उसके सम्मोहन से मुक्त हो जाएगी और तुम उस गुड़िया को काले कपड़े से ढक देना और उसके बाद मेरे पास ले आना और मैं उसे मंत्रों के साथ जला दूंगा।

रमन और महेश दोनों ने उस बच्ची के यहां जाकर उसके माता पिता को सारी बातें बताईं। पहले तो उसके मां बाप कुछ मानने को तैयार नहीं हुए लेकिन उस रात उन्होंने अपनी आँखों से जो देखा वो उनको सारी बातें मानने के लिए मजबूर कर चुका था और फिर अगली रात में वह बच्ची सो रही थी

तभी उस बच्ची को ताबीज पहनाने की कोशिश की गई और उसी समय उस खूनी गुड़िया ने लोगों पर हमला कर दिया और अपनी शक्ति से रमन को चोट पहुंचाई। हालत तो यह हो चुकी थी कि रहमान का सिर दीवार से टकरा टकरा करके फूट चुका था और वह बेहोश हो चुका था।

लेकिन महेश बार बार चोट खाने के बाद भी उस बच्ची को ताबीज पहनाने में कामयाब हो गया और जैसे ही उसने उसे ताबीज पहनाई वैसे ही वो गुड़िया जमीन पर गिर पड़ी और महेश ने तुरंत उस पर एक काला कपड़ा डाल दिया और उसे लेकर के गांव के कुछ लोगों के साथ उस अघोरी के पास भागा।

रास्ते में बहुत कोशिश करने के बाद भी महेश आगे नहीं बढ़ पा रहा था तभी उसने गुड़िया गांव के ही दूसरे आदमी को दे दी लेकिन उसके हाथ में गुड़िया लेते ही उसे न जाने क्या हुआ कि वह वहीं पर बेहोश हो गया जैसे उसके अंदर जान ही ना बची हो। (The Real Ghost Stories in Hindi)

लोग समझ गए थे कि ये गुड़िया उन्हें आगे नहीं जाने देगी लेकिन तभी वो अघोरी वहां से चलता हुआ उनके पास आया और पास आते ही उसने सबसे पहले अपने मंत्रों से उस गुड़िया को अपने वश में किया और उसके बाद उसे वहीं पर जला दिया,

और उसके बाद से अभी तक वहां पर दुबारा कोई आतंक तो नहीं हुआ है लेकिन खौफ अभी भी लोगों के दिलों में जिंदा है क्योंकि खौफ ऐसी चीज हैं जो एक बार तो आता हैं लेकिन वो पूरी जिन्दगी भर याद रहता हैं |

तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप लोगो को शैतानी गुड़िया और मौत का खूनी खेल (The Real Ghost Stories in Hindi) अच्छा लगा होगा, तो चलिए दोस्तों अब The Real Ghost Stories in Hindi में दुसरे कहानी की ओर बढ़ते हैं | 

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भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi

“प्रेत आत्माओं का जंगल” 

दोस्तों आज की ये कहानी अमन की है। अमन ने ये कहानी हमें हमारे Email id पर खुद भेजी है। दोस्तो आज की ये कहानी में अमन के जैसे ही आपको सुनाने जा रहा हु, अमन का घर मेघालय के एक पहाड़ में था। आप जानते ही हैं कि मेघालय पहाड़ों और जंगलों से भरी हुई जगह है।

वो वहीं के एक गांव में रहता था। यह बात तब की है जब मैं बीए 2nd Year का स्टूडेंट हुआ करता था। एक दिन मैंने और मेरे दोस्तों ने मिलकर कहीं घूमने का प्लान बनाया। चूंकि खाली बैठे बैठे हम बोर हो चुके थे। हम लोगों ने अपने गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित एक जंगल में जाने का फैसला लिया।

चूंकि हम सबके सब एडवेंचर के बहुत शौकीन थे। हम घर से एक साथ निकलते हैं और घर पर बता देते हैं कि हम कहीं घूमने जा रहे हैं। रात तक आ जाएंगे। मेरे साथ मेरे तीन दोस्त लिकेश, राकेश और विकास थे। हम करीब 4 बजे जंगल तक पहुंच जाते हैं। (The Real Ghost Stories in Hindi)

दिन के उजाले में भी पेड़ों की वजह से बहुत घना अंधेरा था। उस समय हम उस जंगल में चलते चले गए और हमें अंदर एक पुराना सा मंदिर दिखाई देता है। हम उस मंदिर के पास रुक जाते हैं। मंदिर में एक बहुत ही पुरानी मूर्ति थी। हम अंदर गए।

हमने वहां प्रदर्शन किया लेकिन वहां पर कोई इंसान नहीं था। वहीं बाहर बैठकर के हम बातें करने लगे। बात करते करते हमें यह नहीं पता चला कि कब शाम के लगभग साढ़े सात बज चुके थे। जंगल में अंधेरा अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया था।

लिकेश ने अपना फोन निकाला और उसकी टार्च जलाई। हम जैसे ही मंदिर से बाहर निकले अचानक से जोर से बहुत तेज हवा चलने लगी। हवा ऐसी चल रही थी कि जैसे आंधी चल रही हो। थोड़ी देर बाद पानी भी बरसने लगता। हमने वहीं मंदिर में थोड़ी देर रुकने का फैसला किया।

हमने सोचा आज तो घर पर जमकर डांट पड़ने वाली है। उस सूनसान जंगल में कोई भी नजर नहीं आ रहा था। केवल जानवरों और सियारों के चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। लगभग एक घंटे बाद बरसात थोड़ी कम होती है और हम वहां से निकलने का फैसला करते हैं। (The Real Ghost Stories in Hindi)

रात के करीब साढ़े आठ बज चुके थे अब भी हमें जंगल के अंदर लगभग चार किलोमीटर चलना था। थोड़ी देर चलने के बाद हमें किसी औरत के जोर जोर से चीखने की आवाज सुनाई देती है। हम बुरी तरीके से घबरा जाते हैं लेकिन चलते ही रहते हैं

और चलते चलते हमें पता ही नहीं चलता है कि कब विकास पीछे ही छूट जाता है। जब हम पलटकर के देखते हैं तो वहां पर विकास हमारे साथ नहीं रहता हैं। हम जोर जोर से विकास को आवाज लगाने लगते हैं लेकिन कोई भी जवाब नहीं आता। अब हम करते भी तो क्या अब हम बहुत ज्यादा घबरा चुके थे

लेकिन हम सभी दोस्तों ने मिलकर के विकास को ढूंढ़ना शुरू कर दिया और हम करीब आधा एक किलोमीटर जंगल के अंदर वापस गए और वहां पर देखा कि विकास चुपचाप एक जगह खड़ा हुआ था। हमने विकास से बोलने की कोशिश की लेकिन वो कुछ बोल ही नहीं रहा था।

हमें लगा कि ये डर गया है लेकिन वो हमारे साथ चुपचाप चलता रहा। उसके हाव भाव बहुत ही अजीब लग रहे थे। उसका चेहरा भी बड़ा सा विचित्र लग रहा था। हमें तो उसे देख के भी डर लग रहा था। हालांकि हमारी बहुत बिगड़ चुकी थी लेकिन दोस्त तथा छोड़ तो सकते नहीं थे।

हम जैसे तैसे करके उस जंगल से बाहर निकले और अपने घरों की तरफ रवाना हो गए। उस रात डर के मारे मुझे नींद नहीं आई। अगले दिन जब मैं सुबह कालेज गया तो पता चला कि विकास कालेज नहीं आया है। जब मैंने उसके बारे में जानकारी इकट्ठा की। (The Real Ghost Stories in Hindi)

पूछा कई दोस्तों से तो मुझे पता चला कि विकास की मौत हो चुकी है। मैं यह सुनकर दंग रह गया और मेरी आँखों में आँसू भर गए। मैं वहां से सीधा उसके घर गया। उसके माता पिता के पास रुक कर के उन्हें ढाढस बंधाने लगा। जब मैंने उनसे विकास की मौत का कारण पूछा तो

उन्होंने बताया कि रात को जब वो घर आया था तो उसे बहुत तेज बुखार था और उसका शरीर लोहे की तरह चल रहा था और जब हम लोग उसे अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो जाती है। जब मैंने बात सुनी तो मुझे सारा माजरा समझ।

लेकिन मैंने उन्हें कुछ नहीं बताया क्योंकि मेरी भी हालत डर के नाते ज्यादा ही खराब थी कि कल रात को हमारे साथ क्या क्या हुआ था, मुझे साफ साफ समझ में आ गया कि उसे किसी रूह ने पकड़ लिया था। जब मैं वहां से वापस आ रहा था, (The Real Ghost Stories in Hindi)

तो वहीं के एक आदमी ने मुझे रोक करके मुझसे पूछा कि आखिरकार विकास कल कहां था तो मैंने डरते डरते उनसे सारी बात बताई तो उन्होंने बताया कि बेटा वो जंगल हांटेड है, जिस मंदिर के पास तुम गए थे वो कई सालों से वीरान पड़ा हुआ है

और वहां से थोड़ी ही दूरी पर एक प्रेत आत्माओं का वास है इसीलिए वहां पर कोई जाता नहीं है और वहाँ पर सिर्फ आत्माओं का ही राज चलता हैं, खासकर शाम के वक्त के बाद।

तो दोस्तों ये थी प्रेत आत्माओं का जंगल (The Real Ghost Stories in Hindi) की कहानी, उम्मीद करता हूँ आप लोगो को यह अच्छा लगा होगा, तो चलिए दोस्तों अब The Real Ghost Stories in Hindi में अगले कहानी की तरफ बढ़ते हैं |  

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भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi

“जिन्नात – खून की प्यासी”

दोस्तों आप लोगों का प्यार ही तो है जो बार बार मुझे आपके सामने आने के लिए मजबूर कर देता है। तो दोस्तो इस Website पर ऐसे ही अपने प्यार को बनाए रखिए और ऐसे ही दहशत से भरी हुई डरावनी कहानियां सुनते रहिए, तो चलिए ये कहानी शुरू करते हैं आज की ये कहानी।

मैं सलीम के जैसे ही आपको सुनाने जा रहा हूं। कभी न कभी किसी न किसी को किसी से प्यार तो हुआ ही होगा मुझे भी हुआ था लेकिन इंसानों से नहीं बल्कि एक जिन्नात लड़की से। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक इंसान को जिन्नात लड़की से कैसे प्यार हो सकता है।

दरअसल मुझे पहले पता नहीं था कि वो एक जिन्नात लड़की है लेकिन जब पता चला तो मेरी तो हालत ही खराब हो गई। आज मैं आपको अपनी वो डरावनी, दिल को दहला देने वाली एक हॉरर स्टोरी बताने जा रहा हूं। दोस्तो कहानी सुनने से पहले एक बार इतना जरूर चेक कर लीजिए कि कहीं आपकी भी गर्लफ्रेंड जिन्नात तो नहीं है।

तो चलिए जिन्नात – खून की प्यासी (The Real Ghost Stories in Hindi) शुरू करते हैं |

बात उन दिनों की है जब मैं कालेज में पढ़ाई करता था। उन दिनों मैं सिर्फ पढ़ाई में ही ज्यादा ध्यान लगाता था। लड़कियों से हमें ज्यादा मतलब नहीं रखता था। मैं घर से सीधे कालेज और कालेज से सीधे घर जाता था और शाम को पार्क में या बाजार में घूमने की बजाए मैं लाइब्रेरी में या घर पर किताबें पढ़ा करता था।

कुछ दिनों के बाद मुझे लगा कि कोई लड़की मुझे रेगुलर फालो कर रही है। वह मुझे कालेज में कैम्पस में लाइब्रेरी में हर जगह दिखती थी। अब तो धीरे धीरे मैं भी उसकी तरफ खींचने लगा था। मुझे वो लड़की अब अच्छी लगने लगी थी लेकिन मेरी हिम्मत नहीं होती थी कि मैं उससे जाके कुछ कह सकूं।

एक दिन मैं पहली बार अपनी क्लास को छोड़ करके कालेज के कैम्पस में बैठा हुआ था, वो भी सुदूर एक कोने में जहां पूरा सन्नाटा था और वहां कोई आता जाता भी नहीं था, तभी वो लड़की अचानक से मेरे सामने आ गई और मेरे ही सामने आ करके बैठ गई। (The Real Ghost Stories in Hindi)

अब तो मेरी जैसे सांसें ही रुक गई हूं। वो धीरे धीरे मुझसे बात करने लगी। मैं भी धीरे धीरे उससे बातें करना शुरू कर दिया। फिर ये सिलसिला लगातार चलता रहा। वह मुझे कभी भी, कहीं भी, किसी भी जगह मिल जाती और मुझसे ढेरों बातें करती

लेकिन कभी कभी मैं उससे उबता तो मैं कहता कि यहां से चली जाओ लेकिन वो गुस्साने लगती और जाती नहीं। ऐसे ही चलते चलते बड़ा वक्त बीत गया। अब मैने सोचा कि अब मैं उससे अपने दिल की बात कह दूंगा। बस मुझे अब एक अच्छे मौके की तलाश थी। (The Real Ghost Stories in Hindi)

फिर वो लड़की मुझे वहां से एक सूनसान इलाके में ले करके चली गई। मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था और मन में खयाल भी बड़े अजीबोगरीब और डरावने आ रहे थे। तभी एक बरगद के पेड़ के पास एक वीराने में जाकर के हम रुक गए और वो बोली ये है मेरा घर। अब तुम भी मेरे साथ यहीं रहोगे।

मुझे तो पहले ये एक भद्दा मजाक लगा लेकिन जब मैंने उससे पूछा कि हम इस पेड़ पर क्या करेंगे तो वो गुस्साने लगी और वो गुस्साते गुस्साते धीरे धीरे वो अपने असली रूप में आने लगी और जब मैंने उसके असली रूप को देखा तो अब मेरी हालत हद से ज्यादा खराब हो चुकी थी

क्योंकि वो लड़की नहीं एक जिन्नात थी। अब तो मुझे अपनी किस्मत पर भी रोना आ रहा था। मैं चिल्लाना चाह रहा था लेकिन मेरे मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी। मैं भागना चाह रहा था लेकिन चाह करके भी मेरे कदम उस जगह से हिल ही नहीं पा रहे थे।

मैं हाथों को हिलाना भी चाह रहा था लेकिन चाह कर मेरे हाथ भी हिल नहीं रहे थे। शायद मैं पूरी तरीके से उसके कब्जे में आ चुका था। सारी मेरी कोशिशें बर्बाद होती जा रही थीं और उसके बाद मेरे ऐसे चेहरे को देख करके उसने थोड़ी मेरे ऊपर दया की। (The Real Ghost Stories in Hindi)

वह जिन्नात लड़की अब अपने पूरे रूप में आ चुकी थी। बेहद डरावनी दिख रही थी और उसने मुझसे कहा कि तुम मुझे अच्छे लगते हो और अब तुम कहीं नहीं जा सकते हो। अब तुम मेरे साथ ही रहोगे, मेरे तो समझ में नहीं आ रहा था कि मैं करूं तो क्या करूं।

अब वो लड़की अपने नुकीले हाथों से मेरे ऊपर हमला करने जा रही थी। या यूं कहें कि उस नुकीले दांतों से वो मुझे जान से मार देना चाहती थी लेकिन तभी वो रुक गई और उसने मुझसे कहा कि क्या तुम कुछ और कहना चाहते हो, तो मैंने केवल हाथ जोड़कर के इतना कहा कि मुझे माफ कर दो।

मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, मुझे छोड़ दो लेकिन वो केवल हंस रही थी और कुछ नहीं बोल रही थी। उसके बाद से मैंने देखा कि दूर मजार पर से एक पीर बाबा आ रहे थे और वो लड़की मुझे वहां से ले करके एक खंडहर में चली गई और वहां पर वो मुझे तड़पाने लगी, (The Real Ghost Stories in Hindi)

मेरा सर बार बार इधर से उधर दीवारों पर लड़ रहा था, शायद ये आवाज बाबा तक पहुँच गई और वो धीरे धीरे उस कोठे नुमा खंडहर में पहुंच गए और उन्होंने उस जिन्नात को अपने कब्जे में किया और मेरी जान बचाई। और जाते जाते मुझे एक ताबीज दी और बोले कि अब इसे अपने गले से मत उतारना।

ये जिन्नात लड़की बहुत ताकतवर है। ये अक्सर यहां पर लोगों को इसी तरीके से मारती है और उन्हें अपने साथ रखना चाहती है। तुम्हारी किस्मत अच्छी थी कि तुम आज बच गए क्योंकि हर समय हर बार सबकी किस्मत अच्छी नहीं होती है।

तो दोस्तो ये थी जिन्नात – खून की प्यासी (The Real Ghost Stories in Hindi) की कहानी, दोस्तों उम्मीद करता हूँ आप लोगो को यह अच्छी लगी होगी |  

तो दोस्तों आप लोगो को भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi में से कौन सी कहानी सबसे अच्छी लगी, हमें कमेंट में जरूरत है और साथ ही दोस्तों भूतों की 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ | The Real Ghost Stories in Hindi अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे |


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